निफ्टी की दशा-दिशा [शुक्रवार 14 दिसंबर 2018] शुरुआती रुख⬇ सुबह: 8.10 बजे

पिछला बंद कल का उच्चतम कल का न्यूनतम कल का बंद संभावित दायरा
10737.60 10838.60 10749.50 10791.55 10715/10805

 

अनिल रघुराज

देखें पल-पल के भाव निष्पक्ष भाव से

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Dec 142018
 

बुद्ध ने करीब ढाई हजार साल पहले विपश्यना की पुरानी पद्धति खोज निकाली थी। इसमें शरीर में पल-पल होती संवेदनाओं को देखते-देखते आप मन के विकारों, खासकर राग व द्वेष से मुक्त होने लगते हो। इसी तरह आप शेयर बाज़ार में पल-पल के भावों को निष्पक्ष भाव से देखने लगें तो लालच व भय की […]

अब 24×5 हर पल धड़कता है बाज़ार

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Dec 132018
 

हमारे शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग भले ही सुबह 9.15 से शाम 3.30 बजे तक होती है। लेकिन ग्लोबल हो चुकी दुनिया में सारे वित्तीय बाज़ार एक-दूसरे से जुड़ चुके हैं और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की हलचलों से प्रभावित होते हैं। एशिया के तमाम बाज़ार हमसे पहले खुलते हैं। उसके बाद यूरोप में ट्रेडिंग शुरू होती है। […]

आवेश मुक्त होने से कमाने में मदद

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Dec 122018
 

वीतराग या वीतद्वेष हो जाने का मतलब जीवन से पलायन नहीं है। इस अवस्था में आप अपने मन के गुलाम नहीं, बल्कि उसके मालिक बन जाते हो। तब आप जीवन आवेश या आवेग में नहीं, नियम-धर्म से जीते हो। प्रकृति के नियमों को समझकर उनके माफिक चलने से आपको जीवन में सुख और सफलता मिलती […]

न रिटर्न से राग, न ही रिस्क से द्वेष

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Dec 112018
 

लालच और भय की भावना शेयर बाज़ार की पल-पल की गति का मुख्य कारक है। अमूमन हर कारोबारी इनके आवेग/आवेश में बहता रहता है। रिटर्न से राग और रिस्क से द्वेष। हर किसी को लाभ की तमन्ना और घाटे से घबराहट होती है। लेकिन जीवन की तरह यहां भी वही बराबर सफल होता है जो […]

लालच व डर ही नचाता है बाज़ार को

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Dec 102018
 

कंपनियों के शेयरों के भाव उनके धंधे व मुनाफे के साथ दिशा पकड़ते हैं। लेकिन यह लंबे समय में होता है, जबकि छोटे समय यानी, कुछ दिन या महीनों में शेयरों के भाव उन्हें पकड़ने/छोड़ने की लालसा में लगे लाखों लोगों की लालच व डर की भावना से उछल-कूद मचाते हैं। एक ही वक्त कुछ […]