खजाने की लूट पर गोपनीयता का फंदा!
भारतीय रिजर्व बैंक पहले भी कमाता था और अब भी कमाता है। वो अपना सारा खर्च खुद उठाता है। लेकिन मई 2014 में सत्ता में आते ही मोदी सरकार की वक्री दृष्टि उसके खजाने पर पड़ गई। तभी से वो रिजर्व बैंक का 99.99% लाभ सफाचट करती रही है। लेकिन उसकी धूर्तता को बड़ी चालाकी से ढंक लिया है। पहले रिजर्व बैंक अपनी सालाना रिपोर्ट में सकल आय के साथ आंतरिक रिजर्व में डाला गया कंटेन्जेंसी फंडऔरऔर भी





