निफ्टी की दशा-दिशा [मंगलवार 17 जुलाई 2018] शुरुआती रुख⬇ सुबह: 8.05 बजे

शुक्र का बंद कल का उच्चतम कल का न्यूनतम कल का बंद संभावित दायरा
11018.90 11019.50 10926.25 10936.85 10885/10975

 

तथास्तु

यह शेयर बाज़ार में लंबे समय के निवेश की सेवा है।

झांकियों के दौर में सच कहां है!

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Jul 152018
 
झांकियों के दौर में सच कहां है!

भारत फ्रांस को पीछे छोड़ दुनिया की छठीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। लेकिन प्रति व्यक्ति आय में भारत दुनिया में 126वें नंबर पर हैं। इस साल अब तक बीएसई सेंसेक्स उभरते देशों में सबसे ज्यादा 8.3% बढ़ा है, जबकि चीन का शांघाई सूचकांक 15.6% गिरा है। लेकिन इसी दौरान बीएसई स्मॉल-कैप सूचकांक चीन से […]

बैंकों की एफडी भी सुरक्षित नहीं

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Jul 082018
 
बैंकों की एफडी भी सुरक्षित नहीं

हम बैंक एफडी को सुरक्षित मानते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि इस समय 21 सरकारी बैंकों में 11 के डूबत ऋण उनकी नेटवर्थ का डेढ़ गुना तक हो चुके हैं। उनका घाटा समूचे डिपॉजिट का मूल्य सोख चुका है। उनका शटर गिरा तो आपका 90-100% डिपॉजिट स्वाहा हो सकता है। सरकार उनके घाटे व […]

गिरावट में दिग्गज भी रपट जाएं

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Jul 012018
 

आशा, उम्मीद और नोटों के प्रवाह के दम पर फूला शेयर बाज़ार जब गिरता है तो सबसे पहली मार स्मॉल-कैप और मिडकैप स्टॉक्स पर पड़ती है। हालांकि इसकी चपेट से बड़े-बड़े दिग्गज भी नहीं बच पाते। शायद आपको याद नहीं होगा कि पिछली चपेट में दिसंबर 2007 से मार्च 2009 तक के दौरान कोटक महिंद्रा […]

परखें भविष्य को साधने की कला

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Jun 242018
 
परखें भविष्य को साधने की कला

अतीत के रिटर्न और प्रदर्शन से कतई गारंटी नहीं होती कि कंपनी भविष्य में भी वैसी ही उपलब्धि हासिल कर लेगी। शेयर बाज़ार में निवेश का यह प्रमुख रिस्क है। लेकिन अगर अच्छी तरह परख लें कि कंपनी प्रबंधन ने प्रतिकूल हालात से कैसे निपटा और वह आज की ज़मीन पर मजबूती से डटकर कल […]

गलत सोच से होती हैं गलतियां

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Jun 172018
 

काश! कुछ ऐसा मिल जाता है जिसमें पक्की कमाई हो जाती। उसने तो इतना बना लिया और मैं पीछे छूट गया। जितना मिला ठीक, पर और ज्यादा मिले। कहीं मौका हाथ से निकल न जाए। निवेशकों के मन में ऐसे विचार अमूमन आते हैं। इन सब का असर बाज़ार पर भी पड़ता है। लेकिन निजी […]

निवेश के लिए घातक 6 भावनाएं

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Jun 102018
 
निवेश के लिए घातक 6 भावनाएं

निवेश को सार्थक व सफल बनाने की राह में हमारी छह वृत्तियां या भावनाएं घातक साबित होती हैं। डर, लालच, भीड़ की भेड़चाल से बचने के बजाय उसी का अनुसरण, तर्क को ताक पर रखना, ईर्ष्या और अहंकार। हमारे भीतर अहंकार इतना भरा होता है कि मानने को तैयार ही नहीं होते कि हमसे गलती […]

नकारात्मकता जीतें, निवेशक बनें

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Jun 032018
 
नकारात्मकता जीतें, निवेशक बनें

निवेश का मतलब बाज़ार या किसी दूसरे को हराकर आगे बढ़ना नहीं है। इसका सीधा-सा मतलब है कि अपने को जीतना, अपनी नकारात्मक वृत्तियों पर विजय हासिल करना। जब हम अपने पर विजय हासिल कर लेते हैं और संपूर्ण इंसान बन जाते हैं, तभी हम सच्चे अर्थों में निवेशक बन पाते हैं। तब हम वर्तमान […]

चक्रवृद्धि की महिमा से बनें दौलत

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May 272018
 
चक्रवृद्धि की महिमा से बनें दौलत

अगर मैं कहूं कि दस साल में बीएसई सेंसेक्स अभी के 34,924.87 अंक से बढ़ते-बढ़ते 1,00,000 पर पहुंच जाएगा तो आप कहेंगे कि लंबी फेंक रहा है। लेकिन कहूं कि सेंसेक्स की इस बढ़त में सालाना चक्रवृद्धि रिटर्न की दर मात्र 11.09% बनती है तो बोलेंगे कि यह तो कोई ज्यादा नहीं। जी हां, बचत […]

बिजनेस में चलता है सच का दम

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May 202018
 
बिजनेस में चलता है सच का दम

झूठ ज्यादा नहीं चलता। देर-सबेर उसका बेड़ा गरक हो जाता है। यह नियम निजी जीवन से लेकर राजनीति और बिजनेस तक पर लागू होता है। सत्यम कंप्यूटर्स को उसका झूठ ही ले डूबा। दो साल पहले निर्यात पर निर्भर एक नामी कंपनी का धंधा इसलिए मार खा गया क्योंकि अमेरिकी ग्राहकों को पता चल गया […]

नए की चमक, पुराने में भी दम

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May 132018
 

अक्टूबर 2007 में चार लाख रुपए से बनाई गई कंपनी फ्लिपकार्ट का मूल्यांकन दस साल बाद 2000 करोड़ डॉलर (करीब 1.35 लाख करोड़ रुपए) हो जाता है, वो भी तब उसका पिछले साल उसका घाटा 68% बढ़कर 8771 करोड़ रुपए हो गया था। यह है नए बिजनेस में छिपी संभावना और उसके मूल्यांकन का एक […]