निफ्टी की दशा-दिशा [सोमवार 24 सितंबर 2018] शुरुआती रुख⬇ सुबह: 8.10 बजे

बुध का बंद शुक्र का उच्चतम शुक्र का न्यूनतम शुक्र का बंद संभावित दायरा
11234.35 11346.40 10866.45 11143.10 11085/11175

 

तथास्तु

यह शेयर बाज़ार में लंबे समय के निवेश की सेवा है।

कभी-कभार ही आते हैं ऐसे मौके

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Sep 232018
 
कभी-कभार ही आते हैं ऐसे मौके

दुनिया के सफलतम निवेशक वॉरेन बफेट का यह कहना शेयर बाज़ार का नीति-वाक्य बन चुका है कि जब सभी डर कर बेच रहे हों, तब लालची बन खरीद लेना चाहिए और सभी लालच में फंसे हों, तब बेचकर निकल लेना चाहिए। ऐसा सटीक मौका कभी-कभार ही मिलता है। लेकिन अपने यहां बीते हफ्ते घबराहट में […]

अच्छी कंपनियों की बहती अंतर्धारा

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Sep 162018
 
अच्छी कंपनियों की बहती अंतर्धारा

इधर बैंकों के एनपीए से लेकर कमज़ोर रुपए, महंगे तेल व आर्थिक फ्रॉड जैसे मुद्दों ने राजनीति को जकड़ लिया है। विकास का नारा धार खो चुका है तो भाजपा हिंदू धर्म और राष्ट्र के नाम पर ध्रुवीकरण करना चाहेगी। लेकिन सतह पर मची इस उथल-पुथल के नीचे अच्छी कंपनियों की अंतर्धारा अनवरत बह रही […]

भारत की विकासगाथा बहुत लंबी है

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Sep 092018
 
भारत की विकासगाथा बहुत लंबी है

कच्चे तेल के बढ़ते दाम और कमज़ोर होते रुपए ने देश पर दोहरी मार लगाई है। पांच साल बाद भारत फिर से ब्राज़ील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका व तुर्की के साथ दुनिया की पांच भंगुर अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाने लगा है। यह चिंता की बात है। लेकिन भारतीय विकास गाथा इतनी लंबी है कि ज्यादा परेशान […]

जीडीपी बढ़ गया, पर निवेश नहीं!

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Sep 022018
 
जीडीपी बढ़ गया, पर निवेश नहीं!

अच्छी बात है कि जून 2018 की तिमाही में हमारा जीडीपी 8.2% बढ़ गया है। यह पिछली नौ तिमाहियों की सबसे तेज़ विकास दर है। मगर चिंता की बात है कि यह तेज़ी सरकारी खर्च बढ़ने से आई है और सकल स्थाई पूंजी निर्माण या अर्थव्यवस्था में निवेश की दर 28.8% पर अटकी है, जबकि […]

सूत्र खरीद-बेचने या बने रहने का!

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Aug 262018
 
सूत्र खरीद-बेचने या बने रहने का!

कंपनी का मुनाफा बढ़ रहा हो और उसका शेयर गिरा हुआ हो तो उसे खरीद लेना चाहिए। अगर मुनाफा बढ़ता रहे, फंडामेंटल्स मजबूत रहें और शेयर चढ़ रहा हो तो उसमें बने रहना चाहिए। वहीं, कंपनी का लाभ घटने लगे और शेयर गिरने लगे तो फौरन बेचकर निकल लेना चाहिए। अगर लाभ घटने के बावजूद […]

पुरानी तो उड़ गई, नई में दमखम

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Aug 192018
 
पुरानी तो उड़ गई, नई में दमखम

जीवन का प्रवाह अनंत है। इसी तरह नई-नई कंपनियों के आने का सिलसिला भी कभी नहीं थमता। नई उभरती कंपनियों से निश्चित रूप से कुछ में काफी ज्यादा संभावना होती है। इसलिए पहले से काफी चर्चित हो चुकी नामी कंपनियों के पीछे भागने और उनका शेयरधारक न बन पाने का मलाल कभी नहीं पालना चाहिए। […]

चक्र उद्योग-धंधों और कंपनियों का

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Aug 122018
 
चक्र उद्योग-धंधों और कंपनियों का

राजनीति सेवाभाव से करो तो उसमें त्याग ही त्याग है। लेकिन स्वार्थ के लिए करो तो आज हमारे देश का सबसे शानदार धंधा है। इतना जबरदस्त रिटर्न किसी बिजनेस में भी नहीं। फिर भी राजनीति को पांच साल के चक्र से गुजरता पड़ता है। इसी तरह कपास, सीमेंट, स्टील, तांबा व क्रूड ऑयल जैसे हर […]

हाल विचित्र है शेयर बाज़ार का!

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Aug 052018
 

शेयर बाज़ार का हाल इस समय बड़ा विचित्र है। सेंसेक्स ऐतिहासिक शिखर पर है। लेकिन उसमें शामिल 30 में से 22 कंपनियों के शेयर दबे पड़े हैं। कुछ दिनों पहले स्मॉल-कैप सूचकांक 14 महीनों के न्यूनतम स्तर पर चला गया। इनमें से कुछ स्टॉक तो 90% तक गिर गए। ऐसे माहौल में अच्छी कंपनियों चुनने […]

सतह पर झाग, तलहटी में मोती

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Jul 292018
 
सतह पर झाग, तलहटी में मोती

निफ्टी व सेंसेक्स ने शुक्र को नया ऐतिहासिक शिखर बना लिया। पर उस दिन उनके साथ जितनी कंपनियों ने नई चोटी पकड़ी, उससे लगभग दो गुनी कंपनियों ने नया तला छू लिया। इनमें कुछ अच्छी कंपनियां भी शामिल हैं। बाज़ार की चढ़ाई में लंबे निवेश की संभावना ऐसी ही अच्छी, मगर नीचे पड़ी कंपनियों में […]

अच्छी थी, अब सस्ती भी हो गई

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Jul 222018
 
अच्छी थी, अब सस्ती भी हो गई

इस साल 15 जनवरी के ऐतिहासिक शिखर से बीएसई स्मॉल-कैप सूचकांक अब तक 20.10% गिर चुका है। फिर भी 103.31 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। यानी, औकात से कम से कम दोगुना महंगा। इसलिए इन कंपनियों के और ज्यादा गिरने की भरपूर गुंजाइश अभी बची है। वैसे, इस गिरावट में कुछ अच्छी […]