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Apr 132012
 

अमेरिका और यूरोप के बड़े बाजारों में खराब आर्थिक हालात के बावजूद भारत ने 2011-12 के दौरान 300 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात किया है। देश का निर्यात पहली बार 300 अरब डॉलर के पार गया है। वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में मीडिया को बताया, ‘‘मुझे यह घोषणा करते […]

Apr 132012
 

देश में बिजली की स्थापित क्षमता 2,00,287 मेगावॉट हो गई है। इसमें ताजा योगदान हरियाणा के झज्जर में शुरू हुए 660 मेगावॉट के बिजली संयंत्र का है। इससे पहले 31 मार्च 2012 तक देश में बिजली की कुल स्थापित क्षमता 1,99,627 मेगावॉट थी। इसमें ताप बिजली की क्षमता 1,32,013 मेगावॉट, पनबिजली की 38,991 मेगावॉट, परमाणु […]

Apr 132012
 

देश में तकनीकी शिक्षा की शीर्ष नियामक संस्था, ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एडुकेशन (एआईसीटीई) माइक्रोसॉफ्ट की क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा के लिए अब तक की सबसे बड़ी ग्राहक बन गई है। क्लाउड कंप्यूटिंग एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जिसे इंटरनेट के जरिए ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाता है। बिल गेट्स की कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने गुरुवार को […]

Apr 132012
 

ज्यादातर विश्लेषकों को उम्मीद थी कि इनफोसिस की आय नए वित्त वर्ष में डॉलर के लिहाज से 10 से 15 फीसदी बढ़ जाएगी। लेकिन कंपनी ने जब शुक्रवार को यूरोप व अमेरिका की सही हालत के हिसाब से घोषित किया कि उसकी आय 8 से 10 फीसदी बढ़कर 755 करोड़ डॉलर से 769 करोड़ डॉलर […]

Apr 132012
 

पुणे के खडकी कैंटोनमेंट इलाके में सेना की 2.61 लाख वर्गफुट जमीन पर रिटायरमेंट के बाद राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के लिए बन रहे भव्य आवास पर राष्ट्रपति भवन ने लंबी-चौड़ी सफाई दी है। उसका कहना है कि, “पुणे में लिया जाना वाला यह वर्तमान आवास एक घर है जिसमें पहले लेफ्टिनेंट कर्नल स्‍तर […]

Apr 132012
 

अकेले इनफोसिस में इतना दम है कि वह पूरे बाजार को दबाकर बैठा सकता है। शुक्रवार को यह बात साबित हो गई। सेंसेक्स 238.11 अंक गिर गया, जिसमें से 201.82 अंक का योगदान अकेले इनफोसिस का था। वह भी तब, जब सेंसेक्स में इनफोसिस का योगदान 8.18 फीसदी है। सेंसेक्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज का योगदान […]

खोला पेज़, निकली चड्ढी जॉकी की

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Apr 132012
 

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Apr 132012
 

जीवन और मृत्यु की शक्तियां बराबर हमें अपनी ओर खींचती रहती हैं। उम्र के एक पड़ाव के बाद मृत्यु हावी हो जाती है। तभी परख होती है हमारी जिजीविषा की कि मृत्यु के जबड़े से हम कितनी ज़िंदगी खींचकर बाहर निकाल लेते हैं। (more…)