साध्य नहीं, साधन
अंदर की प्रकृति को बाहर की प्रकृति से मिला देना, प्रकृति के साथ एकाकार हो जाना ही लक्ष्य है। सत्ता और समाज अपने-आप में साध्य नहीं, बल्कि साधन हैं प्रकृति की विपुल संपदा में अपना हिस्सा पाने के।
मुझे पता है कि मुठ्ठी भर लोगों को छोड़ दें तो इससे आप पर कोई फर्क नहीं प़ड़ता। आपके आगे रोने का भी कोई फायदा नहीं। आप मजे से तमाशा देखते रहेंगे। लेकिन मेरे लिए तो यह वजूद और निष्ठा का सवाल था। अब तो यही लगता है कि इतनी मशक्कत के बाद भी यहां से इतना नहीं मिलनेवाला जिससे अपना और अपने घर का गुजारा चल जाए तो अर्थकाम नाम के खटराम को क्यों चलाया जाए? कुछ [...]
गोवा सरकार ने तय किया है कि अगर किसी घर की सालाना कमाई तीन लाख रुपए से कम है तो वह उसकी गृहिणी को 1000 रुपए प्रति माह अदा करेगी। यह महिलाओं के रोजमर्रा के घरेलू श्रम को मान्यता देने जैसा है। हालांकि, गोवा में मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में चल रही बीजेपी सरकार का कहना है कि यह कदम बढ़ती महंगाई की क्षतिपूर्ति के लिए उठाया जा रहा है। जो भी हो, इससे राज्य के करीब सवा लाख परिवारों को लाभ मिलेगा। स्कीम पर अमल इसी जुलाई से होना है।
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