नई पेड सेवा

arthkaamtathastu marcalendar                                     अप्रैल कैलेंडर
Oct 252012
 
रिश्तों के तार

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Feb 132012
 

हमारा तारणहार, हमारा मुक्तिदाता कहीं बाहर नहीं, बल्कि हमारे अंदर बैठा है। वह प्रकृति का वो जटिल समीकरण है, उसके तत्वों का वो विन्यास है जो हमसे पूछे बिना हमें चलाता-नचाता रहता है। (more…)

Dec 272011
 

इन दुनिया की खूबसूरती यह है कि यहां किसी की भी तानाशाही शाश्वत नहीं होती। यहां अंततः सामंजस्य और संतुलन ही चलता है। हर अति के अंदर से ही वे तत्व पनपते हैं जो उसका अंत कर देते हैं। (more…)