निफ्टी की दशा-दिशा [बुधवार 21 नवंबर 2018] शुरुआती रुख⬇ सुबह: 8.10 बजे

पिछला बंद कल का उच्चतम कल का न्यूनतम कल का बंद संभावित दायरा
10763.40 10740.85 10640.85 10656.20 10605/10695

 

Oct 222012
 

देश के इक्विटी बाजार में उतरनेवाला नया स्टॉक एक्सचेंज, एमसीएक्स एसएक्स पूरी तैयारी कर चुका है और बहुत मुमकिन है कि 13 नवंबर को दीवाली के मंगल अवसर पर या इससे पहले ही एक्सचेंज में ट्रेडिंग शुरू कर दे। एक्सचेंज के उप-चेयरमैन जिग्नेश शाह ने सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया, “नौ […]

Oct 052012
 
आइडिया में दम है, पर पूंजी कहां है?

जो भी पैदा हुआ है, वह मरेगा। यह प्रकृति का चक्र है, नियम है। ट्रेन पर सवार हैं तो ट्रेन की होनी से आप भाग नहीं सकते। कूदेंगे तो मिट जाएंगे। यह हर जीवधारी की सीमा है। इसमें जानवर भी हैं, इंसान भी। लेकिन जानवर प्रकृति की शक्तियों के रहमोकरम पर हैं, जबकि इंसान ने […]

Jan 312012
 

देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) का कहना है कि उसका काम केंद्र सरकार से मिलने वाले 7900 करोड़ रुपए से नहीं चलेगा, बल्कि उसे बढ़ती ऋण मांग को पूरा करने के लिए हर साल 15,000 करोड़ रुपए की दरकार है। बैंक के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) दिवाकर गुप्ता ने समाचार एजेंसी […]

Nov 102011
 

सारे साधन-संसाधन मौजूद हैं। श्रम का साथ मिल जाता है तो वे बदलकर मूल्यवान बन जाते हैं। खेत में एक बीज डालें, सौ बीज निकलते हैं। वो बीज जो पहले धरती पर नहीं थे। इसी तरह कंपनियां वो दौलत पैदा करती हैं जो पहले इस दुनिया में थी ही नहीं। पूंजी और श्रम के मेल […]

Oct 312011
 

जिसके पास पैसा है, उसके पास पूंजी हो, जरूरी नहीं। जिसके पास पूंजी है, वह अमीर हो, जरूरी नहीं। पैसा उद्यम में लगता है तो पूंजी बनता है। दृष्टि सुसंगत बन जाए, तभी पूंजी किसी को अमीर बनाती है। (more…)

Oct 052011
 

जिस तरह रेटिंग एजेंसी मूडीज ने देश के सबसे बैंक एसबीआई को डाउनग्रेड किया है, उससे उसकी निष्पक्षता पर सवालिया निशान लग गया है। मूडीज ने कहा है कि एसबीआई का एनपीए (गैर-निष्पादित आस्तियां) या डूबत ऋण 12 फीसदी हो सकता है, लेकिन रिजर्व बैंक के नियमों के तरह भारत में किसी बैंक का एनपीए […]

Jul 272011
 

एलआईसी संशोधन विधेयक को अगले हफ्ते पहली अगस्त से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा और अब संसद की वित्त संबंधी स्थाई समिति में सारी आपत्तियां दूर हो जाने के बाद उम्मीद है कि इसे आसानी से पारित भी करा लिया जाएगा। यह विधेयक पहली बार 2009 में लोकसभा में […]

Apr 202011
 

यह थोड़े सच और ज्यादा झूठ का जमाना है। हर कोई लूट-खसोट के जरिए पूंजी बटोरने में जुटा है। मौका मिलते ही शिकार पर हाथ साफ। इसलिए सावधान! ठग और जेबकतरे किसी भी भेष में आ सकते हैं। (more…)

Sep 072010
 

स्विटजरलैंड के बासेल शहर में जब दुनिया भर के बैंकिंग नियामक नए मानक को लेकर माथापच्ची कर रहे हैं तब हमारे बैंकिंग नियामक भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर डॉ. दुव्वरी सुब्बाराव का मानना है कि बासेल-III मानकों को अपनाने में भारतीय बैंकों को खास कोई मुश्किल नहीं होगी क्योंकि 30 जून 2010 तक ही वे […]

Sep 032010
 

हमें अच्छा लगता है जब लोग कहते हैं कि बाजार महंगा चल रहा है। बाजार (सेंसेक्स) जब 8000 अंक पर था, तब कोई स्पष्टता नहीं थी। तब से लेकर अब तक 18,000 अक की पूरी यात्रा के दौरान वे यकीन के साथ खरीदने के मौके नहीं पकड़ सके। इसके बजाय हर बढ़त पर वे बेचते […]