बाजार शुरुआती बढ़त को टिकाए नहीं रख सका और बाद में सेंसेक्स 100 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। असल में कारोबार के दूसरे हिस्से में उन आवेगी स्टॉक्स में करेक्शन आता ही है जिनमें रिटेल निवेशक ज्यादा खरीद कर चुके होते हैं। मारुति अपनी खोई स्थिति फिर से हासिल कर रहा है। कंपनी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने एक इंटरव्यू में कहा है कि मानेसर के दूसरे संयंत्र में उत्पादन शुरू होऔरऔर भी

एलआईसी की तरफ से अक्सर होनेवाली बिकवाली का वो सिलसिला अब रुक गया है जो बीएएसई सेंसेक्स को 18,000 के शुभ अंक को पार करने से रोक रहा था। होता यह था कि इधर जब भी सेंसेक्स 18,000 के पार जाने को हुआ, एलआईसी की बिक्री ने उसे रोक दिया। लेकिन आखिरकार लगता है कि एलआईसी को सीधे नॉर्थ ब्लॉक (वित्त मंत्रालय) से हिदायत मिल गई है। अब तेजी के इस नए दौर की अगुआई रिलांयस इंडस्ट्रीजऔरऔर भी

मारुति सुजुकी का नाम ही काफी है। कंपनी पहली तिमाही के नतीजे इसी हफ्ते शनिवार 24 जुलाई को घोषित करने जा रही है। वित्त वर्ष 2009-10 में उसने 29,629 करोड़ रुपए की आय पर 2497.62 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। उसके पास 31 मार्च 2010 तक 11,690.6 करोड़ रुपए के रिजर्व थे। कंपनी की इक्विटी 144.46 करोड़ रुपए है। इसका 54.21 फीसदी हिस्सा जापानी कंपनी सुजुकी के पास और बाकी 45.79 फीसदी हिस्सा पब्लिक केऔरऔर भी

हालांकि बाजार निफ्टी के 5400 के स्तर के आसपास कायदे से डटा हुआ है। लेकिन मुझे लगता है कि 5400 के ऊपर जाने से पहले यह 5300 तक नीचे आता तो इसे ज्यादा पुख्ता व स्वस्थ आधार मिल जाता। वैसे, 5200 और 5300 पर पुट (बेचने) ऑप्शन सौदों के वोल्यूम और ओपन इंटरेस्ट की मौजूदा स्थिति दिखाती है कि रोलओवर शुरू होने से पहले बाजार में थोड़ा करेक्शन आएगा। मारुति सुजुकी का स्टॉक बाजार को चौंका सकताऔरऔर भी