बाजार के बारे में इसके अलावा खास कुछ देखने-समझने को नहीं है कि इस समय हर किसी पर डर का घटाटोप छाया हुआ है। लोगबाग सेंसेक्स के 14,000 तक गिर जाने की बात कहने लगे हैं। एक अतिरेकवादी ने तो मुझे ई-मेल भेजा है कि सेंसेक्स 7500 तक चला जाएगा और मेरे पास बस मुस्कराने के अलावा इस पर कुछ कहने को नहीं था। रोलओवर के दौरान ऐसा होता है। अतिवादी सक्रिय हो जाते है। अफवाहें अपनेऔरऔर भी

निफ्टी 0.59 फीसदी और गिरकर 4905.80 पर पहुंच गया। बाजार में हल्ला यही है कि अब सब कुछ बरबाद होने जा रहा है। अरे! सब कुछ तो पहले ही बरबाद हो चुका है। अब बाजार से और कितनी बरबादी की उम्मीद की जा सकती है। आज की तारीख में सरकार की तरफ से रिटेल व छोटो निवेशकों को खींचने या उन्हें मदद करने की कोई नीति नहीं है। सारी की सारी नीतियां एफआईआई समर्थक हैं। असल में,औरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने अनिल अंबानी व उनके चार सहयोगियों – सतीश सेठ, एस सी गुप्ता, ललित जालान और जे पी चलसानी से कुल 50 करोड़ रुपए लेकर विदेशी वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) और एफसीसीबी (विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बांडों) से जुटाई गई राशि के दुरुपयोग के आरोप से मुक्त कर दिया है। सेबी ने शुक्रवार को जारी एक कन्सेंट ऑर्डर के तहत ऐसा किया है। इसमें अनिल अंबानी व उनके सहयोगियों ने न तो आरोप कोऔरऔर भी