स्वार्थी हंसी
बहुत कम लोग हैं जिन पर देश-दुनिया का फर्क पड़ता है। इनमें से भी ज्यादातर लोग भावना में बहकर पूरा सच नहीं देख पाते, गुमराह हो जाते हैं। स्वार्थ में धंसे दुनियादार लोग उन पर हंसते है, तरस खाते हैं।और भीऔर भी
बहुत कम लोग हैं जिन पर देश-दुनिया का फर्क पड़ता है। इनमें से भी ज्यादातर लोग भावना में बहकर पूरा सच नहीं देख पाते, गुमराह हो जाते हैं। स्वार्थ में धंसे दुनियादार लोग उन पर हंसते है, तरस खाते हैं।और भीऔर भी
बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की शिकायतों के मद्देनज़र सरकार गुमराह करनेवाले विज्ञापनों की कारगर जांच के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समिति बनाने पर विचार कर रही है। खाद्य व उपभोक्ता मामलों के मंत्री के वी थॉमस ने एएससीआई (एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया) द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में यह जानकारी दी। झूठे व भ्रामक विज्ञापनों के बार में प्रोफेसर थॉमस ने कहा कि ऐसे विज्ञापनों को छपने से पहले ही रोकने की ज़रूरत है ताकि वे मासूम उपभोक्ताओंऔरऔर भी
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