दम या बकवास
किसी इंसान की बातों से तय नहीं होता कि वे दमदार हैं या कोरी बकवास। इसी तरह किसी राजनीतिक दल के घोषणापत्र या नारों से नहीं, बल्कि उसकी आंतरिक संरचना से तय होता है कि वह सचमुच अपने कहे पर अमल कर पाएगी या नहीं।और भीऔर भी
जाहिल ज़िंदगी
ज़िंदगी तो इतनी जाहिल और जिद्दी है कि बजबजाते नाले में भी पनप जाती है। लेकिन उसके दम पर खिले किसी भी अंबानी, बच्चन या पवार की मूल खुराक गंदगी है। वे ऊपर से कितने भी खूबसूरत दिखें, मगर अंदर भयंकर सडांध भरे रहते हैं।और भीऔर भी
संघर्ष से पात्रता तक
जब आप एक ध्येय के साथ संघर्ष कर रहे होते हो, तब दरअसल आप अपने अंदर एक पात्रता पैदा कर रहे होते हो। इस पात्रता में इतना दम होता है कि समर्थन खुद ब खुद आपकी तरफ दौड़ा चला आता है।और भीऔर भी

