भारत ने अमेरिका के आव्रजन नियमों के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (डबल्यूटीओ) में शिकायत दर्ज कराई है। उसका कहना है कि अमेरिका ने अपने यहां काम करने के वीज़ा की लागत जिस कदर बढ़ाई है, वह बहुत ज्यादा और सरासर गलत है। यह भारतीय आईटी कंपनियों के साथ किया जा रहा भेदभाव है। डब्ल्यूटीओ में भारत की यह शिकायत अभी दो पक्षों के बीच ‘विचार-विमर्श’ के स्तर पर है। यह वो स्तर है जहां पर इसे नऔरऔर भी

इधर हर कोई सोने में चल रही तेजी की वजह यूरोप के ऋण संकट और अमेरिका में आई आर्थिक सुस्ती को बता रहा है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के बाजार विश्लेषक क्लाइड रसेल का कहना है कि इसकी असली वजह दुनिया के केंद्रीय बैंकों की खरीद के अलावा भारत व चीन के ग्राहकों की बढ़ी हुई मांग है जहां सोना खरीदना मुद्रास्फीति के बचाव के साथ-साथ स्टेटस सिम्बल भी बनता जा रहा है। क्लाइड रसेल काऔरऔर भी

सेबी के कार्यकारी निदेशक जे एन गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए गए एक इंटरव्यू में भारतीय पूंजी बाजार नियामक संस्था को अमेरिका जैसे विकसित पूंजी बाजार की नियामक संस्था से बेहतर बताया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या सेबी का भारतीय बाजार पर अमेरिका के एसईसी (सिक्यूरिटीज एक्सचेंज कमीशन) की तुलना में ज्यादा नियंत्रण है तो उनका कहना था – यकीकन। श्री गुप्ता का कहना था कि सेबी ने तमाम ऐसे उपाय करऔरऔर भी