शेयर बाजार की चाल को देखकर जब बड़े-बड़े विद्वान भी खुद को असहाय महसूस करने लगते हैं तो कुछ दिनों या महीनों से इसे साधने की कोशिश में लगे हम-आप अगर ऐसी भावना के शिकार होते हैं तो इसमें परेशान होने की बात नहीं है। असल में शेयरो में निवेश जहां विज्ञान है, वहीं यह एक कला भी है जो अभ्यास से आती है। इसलिए मुझे तो लगता है कि तुरंत कूद पड़ने के बजाय हमें थोड़ी-सीऔरऔर भी