शेयर बाजार में लिस्टेड निजी कंपनियों को जून 2013 और सरकारी कंपनियों को अगस्त 2013 में अपनी इक्विटी में न्यूनतम पब्लिक हिस्सेदारी 25 फीसदी तक ले आनी है। निजी क्षेत्र की ऐसी 181 कंपनियां हैं, जिन्हें इस शर्त को पूरा करने के लिए 27,000 करोड़ रुपए के शेयर बेचने होंगे। वहीं, ऐसी 16 सरकारी कंपनियों को 12,000 करोड़ रुपए के शेयर पब्लिक को जारी करने होंगे। पूंजी बाजार नियामक, सेबी ने इस बाबत केंद्रीय कैबिनेट सचिव अजितऔरऔर भी

एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम ने हमें ऐसे मुकाम पर ला खड़ा किया है जहां से गिरावट की गहरी फिसलन का अंदेशा बढ़ गया है। ग्रीस के ऋण संकट को हमने कभी तवज्जो नहीं दी। लेकिन अमेरिका में अगर ऋण अदायगी में चूक हुई तो अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज उसे डाउनग्रेड कर सकती है। इससे अमेरिकी शेयर बाजार में 10 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है और यकीनन इससे भारतीय शेयर बाजार का सारा मिजाज भीऔरऔर भी

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने पास जमा 3.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक के कोष का प्रबंधन करने के लिए फंड मैनजरों की नियुक्ति की समय सीमा दो महीने बढ़ाकर 31 अगस्त, 2011 कर दी है। यह निर्णय शुक्रवार को लिया गया। समय सीमा दूसरी बार बढ़ाई गई है। सूत्रों ने बताया, ‘‘ईपीएफओ के निर्णय करने वाले शीर्ष निकाय केन्द्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने विभिन्न फंड मैनजरों की नियुक्ति करने के लिए समय सीमा बढ़ाकरऔरऔर भी