जब समय का कोई अंत नहीं, तब संभावनाओं का अंत कैसे हो सकता है? हां, पुराने से चिपके रहने का कोई तुक नहीं। सबक लेकर नए को आजमाना जरूरी है। तब तक, जब तक जीवन शेष है, समय शेष है।और भीऔर भी