लंबे दौर में अच्छे-बुरे का लॉजिक जरूर चलता होगा, लेकिन छोटे समय में शेयर बाज़ार में केवल एक लॉजिक चलता है। वो यह कि डिमांड ज्यादा है कि सप्लाई। इसी के जुड़ा है कि लालच ज्यादा है कि डर। अगर डिमांड या लालच का पलड़ा भारी है तो शेयर के भाव बढ़ेंगे। अगर डर के [...]
लगता है कि सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वड्रा पूरी सरकार व कांग्रेस पार्टी के दामाद बन गए हैं। वड्रा और रीयल्टी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी डीएलएफ के बीच लेनदेन की जांच से इनकार करते हुए वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि जब तक साफ तौर पर भ्रष्टाचार के कोई आरोप सामने नहीं [...]
देश की अर्थव्यवस्था (जीडीपी) में कृषि, वानिकी व मत्स्य-पालन का योगदान घटकर 14% से नीचे आ गया है। मैन्यूफैक्चरिंग व खनन का सम्मिलित हिस्सा 17% के आसपास है। बाकी करीब-करीब 69% भाग सेवा क्षेत्र के हवाले है। सेवा क्षेत्र में सबसे बड़ा हिस्सा व्यापार, होटल, ट्रांसपोर्ट व संचार का है। इसके बाद फाइनेंसिंग, बीमा, रीयल [...]
जब भी कभी रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति या उसकी समीक्षा पेश करनेवाला होता है तो उसके हफ्ते दस-दिन पहले से दो तरह की पुकार शुरू हो जाती है। बिजनेस अखबारों व चैनलों पर एक स्वर से कहा जाता है कि ब्याज दरों को घटाना जरूरी है ताकि आर्थिक विकास की दर को बढ़ाया जा सके। [...]
अमेरिका में ब्याज की दर इस समय 0.25% है। शायद यही वजह है कि वहां के लोग कर्ज लेकर जीने के आदी हो चुके हैं। 1972 में अमेरिका में बैंकों द्वारा बांटा गया कर्ज देश के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 112% था। 2008 में यह 296% हो गया। उसके बाद के चार सालों में [...]
भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत खराब है। उम्मीद थी कि बीते वित्त वर्ष 2011-12 की आखिरी तिमाही में अर्थव्यवस्था या जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की वृद्धि दर 6.1 फीसदी रहेगी। लेकिन केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) की तरफ से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश का जीडीपी जनवरी-मार्च 2012 के दौरान मात्र 5.3 फीसदी बढ़ा है। [...]
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का मानना है कि विश्व अर्थव्यवस्था में सुधार की गति धीमी है। 2008 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में आई मंदी को सुधरने में कुछ लंबा वक्त लगेगा। वित्त मंत्री ने मंगलवार को उद्योग संगठन सीआईआई की सालाना आमसभा और राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय [...]
हर कोई यही उम्मीद कर रहा था कि रिजर्व बैंक रेपो दर में बहुत हुआ तो 0.25 फीसदी कमी कर सकता है। लेकिन रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2012-13 की सालाना मौद्रिक नीति में रेपो दर में 50 आधार अंक या 0.50 फीसटी कटौती कर सबको चौंका दिया है। नतीजतन घोषणा होते ही खटाक से [...]
सरकारी की मानें तो कृषि व संबद्ध क्षेत्र में पूंजी निवेश लगातार बढ़ रहा है। 2004-05 में देश के कृषि क्षेत्र में सकल पूंजी निर्माण (जीसीएफ) 76,096 करोड़ रुपए था, जो उस साल के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 13.5% था। 2010-11 में कृषि में जीसीएफ बढ़कर 1,42,254 करोड़ रुपए हो गया जो तत्कालीन जीडीपी [...]
स्पेन की सरकार का ऋण इस साल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 79.8 फीसदी पर पहुंच जाएगा जो 1990 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। स्पेन के बजट मंत्री क्रिस्टोबल मोनटोरो ने मंगलवार को मैड्रिड में संवाददाता सम्मेलन में दौरान बताया कि साल 2012 में सरकार को 186.1 अरब यूरो (248 अरब डॉलर) का [...]
