सापेक्ष बुद्ध
2012-06-07
बुद्ध अपने जमाने तक ज्ञात हालात में सधे हुए चिंतक थे, सुधारक थे, मसीहा थे। लेकिन तब के बुद्ध अब आम हो चुके हैं। आज किसी को खास बुद्ध बनना है तो उसे उसी तरह ज्ञात व उपलब्ध हालात को साधना पड़ेगा, जैसे तब के बुद्ध से साधा था।और भीऔर भी
सामान्य नहीं, विशिष्ट
2012-04-19
हम बहुत सारी चीजों को देखते हुए भी देख नहीं पाते क्योंकि उन्हें हम सरसरी व सामान्य नज़र से देखते हैं। हमें उनकी विशिष्टता का बोध नहीं होता। उसी तरह जैसे सब कुछ समान होते हुए भी घोड़े, कुत्ते और चूहे को अलग-अलग दिखता है।और भीऔर भी






