मालिक या नौकर
2011-08-19
सरकार को माई-बाप और सरकारी अफसर को मालिक समझने की मानसिकता जब तक नहीं जाती, तब तक पांच के बजाय अगर हर साल चुनाव होने लग जाएं, तब भी देश में सच्चा लोकतंत्र नहीं आ सकता।और भीऔर भी
जल बिच मीन पियासी
2010-09-03
जहां गोदामों में लाखों टन अनाज होने के बावजूद करोड़ों लोग भूखे सोते हों, जहां प्रतिभाओं की खान के बावजूद काम के काबिल लोग नहीं मिलते, उस व्यवस्था को हम सच्चा लोकतंत्र कैसे कह सकते हैं।और भीऔर भी

