मोदी सरकार जनसंख्या घटाने की ‘देशभक्ति’ से पलटी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरे कार्यकाल के पहले साल में स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से भाषण दिया था कि देश को जनसंख्या विस्फोट से निपटना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि जो लोग छोटा परिवार रख रहे हैं, वह भी एक प्रकार की देशभक्ति है। लेकिन 13 दिसंबर 2020 को मोदी सरकार इस ‘देशभक्ति’ से पलट गई। उसने देश में दो बच्चों का मानक लागू करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाऔरऔर भी
दम तोड़ चुका है जनसंख्या विस्फोट का सिद्धांत
स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त 2020 को शनिवार का दिन था। शनि का दिन यानी मानें तो दुर्बुद्धि का दिन। पिछली बार 15 अगस्त को गुरुवार का दिन था। गुरु का दिन, बुद्धिमत्ता का दिन। लेकिन तब 15 अगस्त 2019 के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से बड़ी दुर्बुद्धि वाली बात कही थी। उन्होंने ‘बेतहाशा जनसंख्या विस्फोट’ का जिक्र करते हुए कहा था, “जनसंख्या विस्फोट हमारे लिए, हमारी आनेवाली पीढ़ी के लिए अनेक नए संकटऔरऔर भी
नए भारत के सपने पर तीन-पांच नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर इस बार लाल किले की प्राचीर से सारे देशवासियों की तरफ से संकल्प किया है कि साल 2022 तक नया भारत बना लेंगे। उन्होंने कहा कि पांच साल बाद का ‘भव्य हिन्दुस्तान’ आतंकवाद, सम्प्रदायवाद व जातिवाद से मुक्त होगा। तब भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से कोई समझौता नहीं होगा। वह स्वच्छ होगा, स्वस्थ होगा और स्वराज के सपने को पूरा करेगा। गरीबों के पास बिजली व पानी से साथ पक्का घर होगा। किसान अभीऔरऔर भी








