सेल्समैन के लिए फेंकना ज़रूरी होता है। धंधा चलाने के लिए उसे ऐसी बातों तक का दावा करना पड़ता है जो उसके वश में नहीं हैं। लेकिन धंधे के गुण अगर उसके आंतरिक स्वभाव का हिस्सा बन गए तो वह सफल ट्रेडर नहीं बन सकता। कारण, ट्रेडिंग में सफलता के लिए रिस्क लेते वक्त शांत रहना और सोच-समझकर फैसला करना पड़ता है। यहां बड़बोड़ापन या अतिविश्वास आपको घाटे में डुबो सकता है। पकड़ें अब सोमवार की नब्ज़…औरऔर भी

हमारी सरकार मुंह से कहती है कि वो आम या रिटेल निवेशकों को शेयर बाज़ार में लाना चाहती है। लेकिन हकीकत यह है कि वो हम आप जैसे निवेशकों को जिबह करना चाहती है। नहीं तो क्या वजह है कि सेबी से लेकर कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय तक डंके की चोट पर बताता है कि, “भारतीय सिक्यूरिटीज़ बाज़ार में केवल रिटेल निवेशकों को ही डे-ट्रेडिंग (इंट्रा-डे) ट्रेडिंग की इजाज़त है।” वैसे, बाज़ार का हाल भी विचित्र है।और भीऔर भी

पटनी कंप्यूटर्स को छोड़ दें तो अभी तक कुल तीन चिरकुट किस्म की कंपनियों ने मार्च तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। असली सिलसिला शुक्रवार, 13 अप्रैल को इनफोसिस के नतीजों के साथ शुरू होगा। चौथी तिमाही के नतीजे बाजार की दशा-दिशा तय करने का मुख्य आधार बनेंगे। हां, इससे भी बड़ा ट्रिगर ठीक हफ्ते भर बाद आनेवाली रिजर्व बैंक की सालाना मौद्रिक नीति होगी। लेकिन लगता है जैसे बाजार अपना दम खो चुका है और उठनेऔरऔर भी