अगर स्वास्थ्य बीमा सभी के लिए अनिवार्य कर दी जाए और शिक्षा शुल्क की तरह सभी से इसका प्रीमियम लिया जाए तो कैसा रहेगा! यह सुझाव दिया गया है कि उद्योग संगठन फिक्की और बीमा कंपनी आईएनजी इंश्योरेंस द्वारा गठित फाउंडेशन फोर्टे (फाउंडेशन ऑफ रिसर्च, ट्रेनिंग एंड एजुकेशन इन इंश्योरेंस इन इंडिया) के एक ताजा [...]
करीब महीने भर पहले मेरी मुलाकात नूतन संजय गीध से हुई। 33 साल की नूतन एक निजी कंपनी में काम करती है। बड़ी बेचैन थीं। बीते वित्त वर्ष में भारी भरकम इंक्रीमेंट मिलने के कारण उसका टैक्स का दायरा बढ़ गया था। सो, नूतन ने बीमा पॉलिसी में निवेश करने का मन बनाया। यह पॉलिसी [...]
गाड़ी रखना अब आपकी जेब के लिए और भारी पड़ सकता है। दोपहिया वाहनों, निजी कारों और भारी वाहनों के लिए थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम में 25 अप्रैल से 65 फीसदी तक की वृद्धि हो सकती है। बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) ने कहा कि चार साल के अंतराल के बाद प्रीमियम में संशोधन किया [...]
बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) ने अपनी आईटी परियोजना के लिए इनफोसिस और महिन्द्रा सत्यम सहित चार आईटी फर्मो को छांटा है। प्रभावी पर्यवेक्षण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इरडा ने अपनी बिजनेस एनालिटिक्स परियोजना (बीएपी) के वास्ते आईटी कंपनियों से निविदा आमंत्रित की थी। इस परियोजना के तहत बीमा कंपनियों व नियामकीय [...]
कहते हैं कि ग्राहक भगवान होता है पर अभी कुछ समय पहले तक भारत की बीमा कंपनियों का सोचना इससे उलट था। उनके लिए पॉलिसीधारक ऐसा निरीह प्राणी होता था जो शायद परेशानी सहने के लिए अभिशप्त है। लेकिन बीमा नियामक व विकास प्राधिकरण (आईआरडीए या इरडा) की पहल से अब माहौल बदल चुका है। [...]
अभी पिछले ही हफ्ते शनिवार, 11 फरवरी को बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) ने जीवन बीमा कंपनियों के एजेंटों के बारे में नए दिशानिर्देश जारी किए हैं और आज, 15 फरवरी को इन्हीं दिशार्निदेशों का संबंधित हिस्सा साधारण या गैर-जीवन बीमा एजेंटों पर भी लागू कर दिया। नए दिशानिर्देश 1 जुलाई 1011 से लागू होंगे। [...]
लोगों में व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसियां लेने के बजाय सामूहिक बीमा पॉलिसियां लेने का रुझान बढ़ रहा है। यह सच झलकता है बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए ताजा आंकड़ों से। दिसंबर 2010 तक सभी 23 जीवन बीमा कंपनियों के कारोबार संबंधी आंकड़ों से पता चलता है कि दिसंबर 2009 [...]
करीब 30 लाख लोगों को बतौर एजेंट रोजगार देनेवाली जीवन बीमा कंपनियां इस समय अपना कमीशन बचाने और एजेंटों को ग्रेच्युटी व नवीनीकरण प्रीमियम से वंचित करने के लिए नया दांव खेल रही हैं। वे हर साल जितने नए एजेंटों की भरती करती हैं, उससे ज्यादा एजेंटों को निकाल देती हैं। बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए [...]
वित्त वर्ष 2009-10 में देश में कुल 123.52 लाख जीवन बीमा पॉलिसियां लैप्स हो गई हैं। यह संख्या साल भर पहले 2008-09 में लैप्स हुई 91.08 लाख पॉलिसियों से 35.61 फीसदी अधिक है। सबसे ज्यादा चौंकाने की बात यह है कि पारदर्शिता की बात करनेवाली बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) ने हाल ही में जारी [...]



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