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यह डर और अंधकार का दौर है। यहां बिंदास वही रह सकता है जो सारा कुछ नहीं तो बहुत कुछ जानता है या भयंकर मूर्ख है। जब हर तरफ बीमारी, असहिष्णुता, भ्रष्टाचार, हिंसा और अन्याय का बोलबाला है तो कोई सहज जीवन कैसे जी सकता है? हर ऊपरी परत निचली परत को अंधेरे में रखती [...]
इस दुनिया में सारा कुछ हमारे वश में नहीं है। लेकिन हर समस्या का शिद्दत से शिकार करना ज़रूर हमारे वश में है। जितना अपने वश में है, उसे ज्ञान-ध्यान व कर्म-श्रम से और जो वश में नहीं है, उसे टेक्नोलॉजी और नेटवर्किंग से जीता जा सकता है। (more…)