बाज़ार में खरीदना या बेचना, लॉन्ग या शॉर्ट ही नहीं, कैश भी एक पोजिशन है। हर पहलू कायदे से जांच-परख लिया है और मूर्ख अहंकारी का नहीं, विनम्र जानकार का आत्मविश्वास है तो सौदा कर डालिए। पर ज़रा-सी भी दुविधा है तो कुछ मत कीजिए। कैश बचाकर रखिए। नहीं जानते कि क्या करने जा रहे हैं तो यकीन मानिए कि शेर आपको खा जाएगा। यहां न जाननेवाले पिटते और जाननेवाले कमाते हैं। अब तलाशें गुरुवार का मंत्र…औरऔर भी

प्रोफेशनल ट्रेडर अगर छुट्टी पर न गया हो तो बाज़ार में नौसिखिया ट्रेडरों के जीतने की कोई गुंजाइश नहीं होती। प्रोफेशनल ट्रेडरों में मंजे हुए लोगों के साथ ही बैंक, एफआईआई, बीमा कंपनियों व म्यूचुअल फंडों के वेतन या कमीशन पर काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा अपने यहां कंपनी प्रवर्तकों से जुड़े इनसाइडर ट्रेडर भी सक्रिय हैं। लालच में यहां हाथ झुलाते घुस गए तो आपका लुटना तय है। अब नए हफ्ते का आगाज़…औरऔर भी

हमारे शेयर बाज़ार में गिनती के दो-चार लाख लोग ही होंगे जो लगाकर लंबे समय के लिए भूल जाते हैं और कंपनी के साथ निवेश का खिलना देखते हैं। बाकी तो झट लगाया और कमाया की नीति अपनाते हैं। अभी यही रुख हावी है। मजबूत व सुरक्षित कंपनियों से निकाल कर रिस्की मिड कैप व स्मॉल कैप या कमज़ोर कंपनियों में लगाया और उठाया। मुनाफावसूली की और फिर सुरक्षित स्टॉक्स खरीद लिए। अब हफ्ते का अंतिम ट्रेड…औरऔर भी

कल कोल इंडिया और एनटीपीसी दोनों में सुबह-सुबह मीडिया में नकारात्मक खबरें आ गईं। फिर भी कोल इंडिया का शेयर 1.26% और एनटीपीसी का शेयर 2.32% बढ़ गया। इसीलिए हम सावधान करते आए हैं कि आम लोगों को छपी खबरों के आधार पर ट्रेड नहीं करना चाहिए। असल में खबरों के आने और जाहिर होने का जो भी समीकरण है, वो हमारे लिए झांसे जैसा है। भावों में ही हर ऊंच-नीच समाहित है। अब गुरु का बाज़ार…औरऔर भी

महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज या छोटे में कहें तो महिंद्रा फाइनेंस का फोकस ग्रामीण व अर्धशहरी इलाकों पर है। वह बैंकों और माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं के बीच की चीज है। नई-पुरानी ट्रक, जीप, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल व कार के लिए लोन से लेकर घर बनाने और शादी, इलाज व बच्चों की पढ़ाई के लिए भी कर्ज देती है। गावों के करीब 10 लाख लोगों को अपना ग्राहक बना चुकी है। कंपनी की कई सब्सिडियरी इकाइयां भी हैं।औरऔर भी