देश की फैक्ट्रियों, खदानों और बिजली जैसी सेवाओं में कैसा कामकाज हुआ, इसे दर्शानेवाला औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) नवंबर महीने में साल भर पहले की अपेक्षा 5.9 फीसदी बढ़ गया है। यह किसी भी अर्थशास्त्री के अनुमान से अधिक है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इस बाबत 32 अर्थशास्त्रियों के बीच रायशुमारी कराई थी, जिनका न्यूनतम अनुमान 4 फीसदी घटने से लेकर अधिकतम 5.6 फीसदी बढ़ने का था। इनका औसत अनुमान 2.2 फीसदी का था। बता दें किऔरऔर भी

हमारा वाणिज्य मंत्रालय बताने और छिपाने दोनों में माहिर है। हालांकि निर्यात आंकड़ों में पूरे 9 अरब डॉलर की ‘त्रुटि’ सामने आने के बाद वो थोड़ा चौकन्ना हो गया है। लेकिन बताने और छिपाने की उस्तादी अब भी जारी है। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने 9 दिसंबर को ही बता दिया था कि चालू वित्त वर्ष 2011-12 में अप्रैल से नवंबर तक देश का निर्यात 33.2 फीसदी बढ़कर 192.7 करोड़ डॉलर रहा है। सोमवार, 2 जनवरी कोऔरऔर भी

बाजार व विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे हैं कि नवंबर में मुद्रास्फीति की दर 9.04 फीसदी रहेगी। कुछ लोग तो इसके 8.4 फीसदी तक आने का कयास लगा रहे थे। लेकिन इसका असल आंकड़ा 9.11 फीसदी का निकला है। इसे देखते हुए अब नहीं लगता कि शुक्रवार को रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कोई कमी करेगा। रिजर्व बैंक शुक्रवार, 16 दिसंबर को दोपहर 12 बजे मौद्रिक नीति की मध्य-तिमाही समीक्षा पेश करनेवाला है। शुक्र है कि यह पिछलेऔरऔर भी