पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने संकेत दिया है कि सरकार तुरंत डीजल या रसोई गैस के दाम नहीं बढ़ाएगी, भले ही रुपए में कमजोरी से आयातित कच्चे तेल की लागत बढ़ रही है। उन्होंने गुरुवार को संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘रुपए में कमजोरी ने स्वाभाविक रूप से अप्रत्याशित दिक्कत पैदा कर दी है। इससे वित्त वर्ष 2011-12 में तेल कंपनियों की अंडर रिकवरी 1.32 लाख करोड़ रुपए रहेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसऔरऔर भी

पेट्रोलियम मंत्रालय ने डीजल की दोहरी मूल्य-नीति को खारिज करते हुए कहा कि यह व्यावहारिक नहीं है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी घरेलू रसोई गैस सिलेंडर पर सब्सिडी समाप्त करने की कोई मंशा नहीं है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री जयपाल रेड्डी ने आर्थिक संपादकों के सम्मेलन में पूछे गए सवाल पर कहा कि डीजल पर दोहरी मूल्य-नीति व्यावहारिक नहीं है। हम डीजल की दोहरी मूल्य प्रणाली शुरू नहीं कर सकते हैं। इससे बाजारऔरऔर भी

डॉलर के सापेक्ष रुपए की गिरावट ने अपना असर दिखा ही दिया। सरकारी तेल कंपनियों ने कमजोर रुपए से बढ़ी आयात की लागत की भरपाई के लिए गुरुवार-शुक्रवार की मध्य-रात्रि से पेट्रोल का दाम 3.14 रुपए प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला कर लिया है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम वन हिंदुस्तान पेट्रोलियम के आला अफसरों ने पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ बैठक के बाद पेट्रोल के मूल्य बढ़ाने की घोषणा की। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल के दामऔरऔर भी

पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने कुर्सी का धर्म निभाते हुए पेट्रोलियम तेल की मार्केटिंग में लगी सरकारी कंपनियों की शिकायत ऊपर तक पहुंचा दी है। उन्होंने मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर डीजल व रसोईं गैस के दाम बढ़ाने का फैसला जल्द करने की मांग की। ये दोनों उत्पाद राजनीतिक व आर्थिक दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं। रेड्डी ने पिछले हफ्ते इसी मामले में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से भी मुलाकात की थी। गौरतलबऔरऔर भी

कच्चा तेल आज दो भूमिकाओं में है। एक तरह जहां वह एक भौतिक जिंस है, वहीं दूसरी तरफ वह निवेश के लिए एक वित्तीय माध्यम या आस्ति भी बन चुका है। अगर हमें इसके मूल्यों में आनेवाले उतार-चढ़ाव और सही मूल्य के अंतर को समझना है कि हमें कच्चे तेल के भौतिक व वित्तीय बाजार के अंतर्संबंध को समझना होगा। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने मंगलवार को रियाद (सऊदी अरब) में अंतरराष्ट्रीय उर्जा फोरम की विशेषऔरऔर भी