महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह का हिस्सा बन चुकी महिंद्रा सत्यम तीन साल पुराने उस दाग को पूरी तरह निकाल देने में लगी है, जब उसका नाम सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज हुआ करता था और उसके मूल प्रवर्तक रामालिंगा राजू ने कंपनी के खातों में करीब 14,000 करोड़ रुपए की गड़बड़ी की थी। राजू ने 7 जनवरी 2009 को किए गए खुलासे में खातों में करीब 7800 करोड़ के घपले की बात मानी थी। लेकिन बाद में यह रकमऔरऔर भी

हैदराबाद की एक स्थानीय अदालत ने सत्यम घोटाले के मुख्य आरोपी बी रामलिंगा राजू और सात अन्य आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है। गुरुवार को अदालत ने इन सभी की जमानत याचिका खारिज कर दी। सत्यम घोटाले की सुनवाई 31 जुलाई तक की तय समयसीमा में पूरी न होने के कारण राजू और अन्य आरोपियों ने सोमवार को अतिरिक्त चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट से जमानत की अपील की थी। राजू के अलावा सत्यम के पूर्वऔरऔर भी

सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज में करोड़ों रुपए के घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने गवाहों की संख्या घटाकर 220 कर दी है, जबकि चार्जशीट में उसने 690 गवाहों का उल्लेख किया था। असल में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सीबीआई ने गवाहों की संख्या घटाई है। सीबीआई के डीआईजी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, चार्जशीट के दावों को मजबूत करनेवाले तथ्यों से जुड़ेऔरऔर भी

भाई लोगों ने नतीजे घोषित होने से पहले महिंद्रा सत्मय की क्या धुनाई की है? बीएसई में यह शेयर खुला पहले से बढ़कर 87 रुपए पर। दोपहर साढ़े बारह बजे तक 88.40 रुपए तक पहुंच गया। शेयर कमोबेश इसी दायरे में चल रहा था कि अचानक पौने दो बजे के आसपास खिलाड़ी लोग इसे गिराकर 81.90 रुपए तक ले गए। फिर तो शाम को बाजार की समाप्ति तक यह दबा-दबा ही रहा और बंद हुआ शुक्रवार केऔरऔर भी

सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज का नाम भारतीय कॉरपोरेट जगत के इतिहास में काले अक्षरों से लिखा जा चुका है। लेकिन यह नाम अब खुद धीरे-धीरे मिटता जा रहा है। अभी महिंद्रा सत्यम बना है। साल-छह महीने में पूरी की पूरी कंपनी टेक महिंद्रा में विलीन हो सकती है। लेकिन आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि महिंद्रा सत्यम राजू की प्रेतछाया से पूरी तरह मुक्त होने के बाद आज चालू वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों (जून वऔरऔर भी