निफ्टी की दशा-दिशा [बुधवार 17 अक्टूबर 2018] शुरुआती रुख⬆⬆ सुबह: 8.10 बजे

पिछला बंद कल का उच्चतम कल का न्यूनतम कल का बंद संभावित दायरा
10512.50 10604.90 10525.30 10584.75 10615/10725

 

बाज़ार है उठता-गिरता लहरों की तरह

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Oct 172018
 

हम कहीं न कहीं मानकर बैठे हैं कि शेयर बाज़ार बराबर सीधी रेखा में चलता है। इसलिए कहां तक जाएगा, इसका अनुमान ट्रेन्ड-लाइन खींचकर लगाया जा सकता है। लेकिन हकीकत यह है कि शेयर बाज़ार सीधी रेखा में नहीं, बल्कि हमेशा लहरों में चलता है। बढ़ता या गिरता है तो लहरों की शक्ल में। अगर […]

अनाप-शनाप बातों पर शक्ति व समय

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Oct 162018
 

हम शेयर बाज़ार में इसीलिए गच्चा खाते हैं क्योंकि जो हमारे वश में है, उन्हीं पर ध्यान न देकर हम अनाप-शनाप बातों पर शक्ति और समय बरबाद करते हैं। पूछते और चैनलों पर देखते फिरते हैं कि बाज़ार आगे कहां जाएगा। यह फालतू सवाल है। इसका सही जवाब मिलना भी असंभव है। हां, इतिहास गवाह […]

अपना रुख, अपनी चाल हमारे वश में

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Oct 152018
 

शेयर बाज़ार निकट-भविष्य में कहां जाकर किधर थमेगा, यह हम-आप ही नहीं, कोई बड़े से बड़ा विद्वान या बाज़ार का उस्ताद भी नहीं बता सकता। शेयर बाजार पर फिलहाल जो साढ़े-साती लगी है, उन अनिश्चितताओं का भी हम कुछ बना-बिगाड़ नहीं सकते। इन पर हमारा कोई वश नहीं। लेकिन दो बातें हमारे वश में हैं। […]

बाज़ार को पकड़ना हमारे वश में नहीं

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Oct 122018
 

बाज़ार ऐसे कारणों से गिरता जा रहा है जो हमारे हाथ से बाहर हैं। जिस साढ़े-साती का जिक्र हमने किया, उसकी साढ़े सात अनिश्चितताएं रातों-रात नहीं खत्म होने जा रहीं। बाज़ार का गिरना कतई थम नहीं रहा। एक दिन पटरी पर आता दिखा बाज़ार अगले ही दिन पटरी से उतर जाता है। उसे रोकना हमारे […]

गिरने के बाद भी अभी महंगा बाज़ार

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Oct 112018
 

जून तिमाही में जीडीपी 8.2% बढ़ गया। कंपनियों के नतीजे भी बेहतर आने लगे। पर देशी व विदेशी संस्थाओं की खींचतान, एलआईसी पर बढ़े बोझ, आईएल एंड एफएस के संकट, राजनीतिक दुविधा, कमज़ोर रुपए, महंगे कच्चे तेल और बढ़ती ब्याज दरों ने सब पटरा कर दिया। बाज़ार गिर गया। फिर भी सेंसेक्स 22.33 और निफ्टी […]

लड़ते हैं वो और पिट रहा हमारा बाज़ार

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Oct 102018
 

ग्लोबल बनी दुनिया का दुष्प्रभाव है कि अमेरिका और चीन के व्यापार-युद्ध का प्रभाव भारत समेत सभी देशों पर पड़ता है। यह हमारे शेयर बाज़ार पर लगी साढ़े-साती का एक प्रमुख तत्व है। इस साल मार्च से ट्रम्प ने इसका बिगुल बजाया और अब दोनों देश एक दूसरे के उत्पादों पर शुल्क बढ़ाने में लगे […]

कच्चे तेल और रुपए का विकट दुष्चक्र

 Posted by at 08:19  Comments Off on कच्चे तेल और रुपए का विकट दुष्चक्र
Oct 092018
 

अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय बाज़ार से निवेश निकाल भागते जा रहे हैं। इससे भारतीय रुपया कमज़ोर पड़ता गया और डॉलर 75 रुपए के करीब जा पहुंचा। उधर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ते जा रहे हैं। भारत अपनी ज़रूरत का 83% कच्चा तेल आयात करता है तो […]

ब्याज बढ़ना ठीक नहीं बाज़ार के लिए

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Oct 082018
 

रिजर्व बैंक ने भले ही शुक्रवार को रेपो व रिवर्स रेपो दर को 6.50% और 6.25% पर अपरिवर्तित रखा। लेकिन भारत से लेकर अमेरिका तक में ब्याज दरें बढ़ रही हैं। अपने यहां सरकारी बांडों पर यील्ड की दर 8-8.5% चल रही है, जबकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अभी हाल में पिछले तीन सालों में […]

ढय्या के बाद साढ़े साती में बचे पांच

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Oct 052018
 

देशी-विदेशी संस्थाओ की खींचतान, एलआईसी पर बढ़ता बोझ और सिस्टम में नकदी के संकट की आशंका। ये हुए ढाई कारक, जिन्होंने इस वक्त भारतीय शेयर बाज़ार को मथ रखा है। ज्योतिष की भाषा में इस ढय्या कह सकते हैं। साढ़े साती में से ढाई कारक निकल गए तो बाकी बचे पांच कारक। कारक नहीं, बल्कि […]

कितना टल पाया है नकदी का संकट!

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Oct 042018
 

इंफ्रास्ट्रक्चर व हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों ने कमर्शियल पेपर जैसे ऋण-प्रपत्रों में हाल में जिस तरह डिफॉल्ट किया, उससे डर लगा कि कहीं सिस्टम में नकदी का संकट न पैदा हो जाए। बैंकों के बढ़ते एनपीए का संकट पहले से था। सरकार एलआईसी पर आईडीबीआई बैंक का बोझ डाल चुकी है। वैसे, आईएल एंड एफएस में […]