दो दिन ने दिखाई दो साल की झलक
अच्छी चीज़ों के पीछे दुनिया भागती है। बस, पता नहीं होता कि अच्छी चीजें हैं कौन-सी। पता भी होता है तो भरोसा नहीं होता कि क्या वो चीज़ वाकई अच्छी है। एक छोटी-सी आईटी कंपनी है। टेलिकॉम व हेल्थकेयर उद्योग को सॉफ्टवेयर बेचती है। आपको यकीन नहीं आएगा कि बुधवार को उसके बारे में सुगबुगाहट शुरू हुई और अगले दो दिनों में ही उसका शेयर 22.82% बढ़ चुका है। तथास्तु में इसी कंपनी को पकड़ने की सलाह…औरऔर भी
सोचते इंसान से हारती है अल्गो ट्रेडिंग
अल्गोरिदम ट्रेडिंग या हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग का नाम आपने सुना ही होगा। जानते भी होंगे कि इसमें ट्रेडिंग का सारा काम कंप्यूटर सॉफ्टवेयर करते हैं। करोड़ों का दांव खेलनेवाली संस्थाएं इस तरह की ट्रेडिंग का सहारा लेती है। हमें पांच-दस फीसदी की कमाई चाहिए होती है, जबकि अल्गो ट्रेडिंग में पांच-दस पैसे का लाभ एक-एक दिन में लाखों की कमाई करा देता है। सवाल उठता है कि क्या इस हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग का मुकाबला हम जैसे आमऔरऔर भी
अंदर के तरकश में छिपे तीर जीत के
पिछले कुछ महीनों से शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग के बारे में गंभीरता से पढ़ रहा हूं तो लग रहा है कि यहां कितने चौकन्नेपन और फुर्ती की मांग है। सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। इक आग का दरिया है और डूब के जाना है। हमारी सोच, भावना और बर्ताव में ऐसी चीजें घुसी हुई हैं, जो हमारी ही दुश्मन हैं। सोच की लगाम हमारे अवचेतन के हाथ में है जिसे हम जानकर नहीं, मानकर चलते हैं। इसे जानकरऔरऔर भी
जल्द ही दार्जिंलिंग चाय की भी होगी ई-नीलामी
दार्जिलिंग चाय को भी इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के लिए बेचने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी। लेकिन इससे पहले सॉफ्टवेयर की कुछ दिक्कतों को दूर करना होगा। कोलकाता चाय व्यापारी संघ (सीटीटीए) ने बुधवार को यह जानकारी दी है। चाय व्यापारी संघ की अध्यक्ष संगीता किचलू ने कोलकाता में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा् कि दार्जिलिंग चाय की इलेक्ट्रॉनिक नीलामी को अभी तक पेश नहीं किया गया है क्योंकि इस उत्पाद का मानकीकरण नहीं किया जाऔरऔर भी






