निफ्टी की दशा-दिशा [बुधवार 26 जुलाई 2017] शुरुआती रुख⬆ सुबह: 8.05 बजे

पिछला बंद कल का उच्चतम कल का न्यूनतम कल का बंद संभावित दायरा
9966.40 10011.30 9949.10 9964.55 9935/10025

सहज स्वभाव लाता ट्रेडिंग में मुसीबत

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Jul 262017
 

अगर हम अपने नैसर्गिक/प्राकृतिक स्वभाव से शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग या निवेश करने लग जाएं तो भयंकर मुसीबत में फंस सकते हैं। बराबर मुनाफा कमानेवाला ट्रेडर तब खरीदता है, जब हर कोई बेच चुका होता है। वहीं, वह तब बेचता है जब हर कोई खरीद चुका होता है, शेयर के भाव काफी चढ़ चुके हैं […]

पड़ता है मन व भावनाओं को साधना

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Jul 252017
 

गीता में मन को मनुष्यों के बंधन और मुक्ति का कारण बताया गया है। बुद्ध भी मानते थे कि मानव-मन में जो सहज भावनाएं उठती हैं, वे अक्सर छलिया होती हैं। इसलिए मन व भावनाओं को साधना जीवन में सफलता के लिए आवश्यक है। ट्रेडिंग भी इसका अपवाद नहीं। हमारे अवचेतन में भरा है कि […]

सारी सीख पर पानी फेर दे हमारा मन

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Jul 242017
 

कौन नहीं जानता कि सामान्य व्यापार से लेकर वित्तीय बाज़ार में ट्रेडिंग से कमाने का मुख्य आधार है थोक भाव पर खरीदना और रिटेल भाव पर बेचना। ट्रेडिंग के तर्क, नियम और रणनीति को सीखना-समझना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। लेकिन असली चुनौती तब शुरू होती है जब हम उन्हें व्यवहार में अपनाना शुरू करते […]

हड़बड़ी नहीं, बेहतर होगा इंतज़ार

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Jul 232017
 

पच्चीस साल पहले शेयर बाज़ार में ऐसी ही गहमागहमी थी। हर तरफ हर्षद मेहता का जलवा था। कहते थे कि जिसे वो हाथ लगाए, सोना बन जाए। लेकिन जब वो हीरो से ज़ीरो बना तो लाखों निवेशकों व ट्रेडरों की बचत स्वाहा हो गई। सबक यह कि चढ़े हुए बाज़ार के पीछे भागना ठीक नहीं। […]

धन का समय-मूल्य ही है मूल धारणा

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Jul 212017
 

वित्तीय साक्षरता का मूलाधार है धन का समय-मूल्य। जब तक समाज में महंगाई का वजूद है, जिससे मुद्रास्फीति और ब्याज़ दरों का सीधा रिश्ता है, तब तक हमें गांठ बांध लेनी होगी कि साल भर बाद का सौ रुपए आज के सौ रुपए से कमतर होगा। पांच साल में अगर हमारी आय 10,000 से 20,000 […]

सरकार तक हमें बनाती रही है उल्लू

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Jul 202017
 

अगर हम वित्तीय रूप से साक्षर नहीं हुए तो वित्तीय सलाहकार या ब्रोकर ही नहीं, सरकार तक हमें उल्लू बनाती रहेगी। आखिर वो भी तो हमारे प्रत्यक्ष व परोक्ष टैक्स से चलती है। अभी तो अवाम या देश का भला हो या न हो, मगर नेताजी का भरपूर भला हो जाता है। वे पांच साल […]

इतना जानें कि कोई उल्लू न बना सके

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Jul 192017
 

वित्तीय साक्षरता या शिक्षा का मकसद है कि हमें कोई उल्लू न बना सके, चाहे वो सरकार हो या वित्तीय सलाहकार। दिक्कत यह है कि शेयर बाज़ार में निवेश या ट्रेडिंग करनेवाले लोग तक खुद को वित्तीय मामलों में कायदे से शिक्षित नहीं करते। नतीजा यह होता है कि ब्रोकर उनके साथ बड़े आराम से […]

खुद ही बनें वित्तीय साक्षर व शिक्षित

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Jul 182017
 

जिनके पास सीमित बचत है, जो बस इतना कमाते हैं कि घर-परिवार चला लेने और आकस्मिकता से निपटने का इंतज़ाम कर लेने के बाद सालाना 40-50 हज़ार बचा पाते हैं, उनके लिए वित्तीय सलाहकार रखना संभव नहीं। उन्हें तो खुद ही वित्तीय रूप से साक्षर के साथ-साथ शिक्षित भी बनना पड़ता है। उन्हें बीमा का […]

वित्तीय शिक्षा ज़रूरी है जीवन के लिए

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Jul 172017
 

जो लोग अपने लिए सर्वोत्तम वित्तीय फैसले करना भलीभांति जानते हैं, वे मनचाही ज़िंदगी जी लेते हैं। वहीं, जो लोग वाजिब वित्तीय फैसले लेना नहीं जानते, उनके सामने सीमित विकल्प होते हैं। वे दरअसल दूसरों द्वारा तय की गई ज़िंदगी जीते हैं। जिनके पास पर्याप्त धन है, वे तो वित्तीय सलाहकार की सेवाएं ले सकते […]

अर्थव्यवस्था दक्खिन, बाज़ार उत्तर!

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Jul 162017
 

आगे का पता नहीं। लेकिन फिलहाल अपनी अर्थव्यवस्था की हालत पतली है। जनवरी-मार्च में जीडीपी की वृद्धि दर पांच तिमाही से गिरते-गिरते 6.1% पर आ गई। मई में औद्योगिक उत्पादन मात्र 1.7% बढ़ा है, जबकि साल भर पहले यह 8% बढ़ा था। फिर भी शेयर बाज़ार नए शिखर पर! ऐसे में आंख मूंदकर और लालच […]