देश भर में खाद्यान्नों की खरीद से लेकर वितरण तक का काम देखनेवाली मुख्य सरकारी संस्था भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने अपनी स्थापना के 46 साल बाद कामकाज की पहली रिपोर्ट जारी की है। केन्‍द्रीय खाद्य मंत्री के वी थॉमस ने शुक्रवार को एफसीआई के वर्ष 2010-11 की परिचालन रिपोर्ट जारी की। वाकई यह चौंकानेवाली बात है कि 1965 में एफसीआई की स्‍थापना होने के बाद से यह इस तरह की पहली रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट मेंऔरऔर भी

भंडारण सुविधाओं की तंगी से तंग आकर सरकार ने चार साल पहले गेहूं निर्यात पर लगाया गया प्रतिबंध उठा लिया है। यह फैसला करीब हफ्ते भर पहले 11 जुलाई को मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह की बैठक में लिया जा चुका है। लेकिन कृषि मंत्री शरद पवार ने दिल्ली में यह जानकारी शनिवार को दी। जब उनसे मीडिया ने पूछा कि क्या गेहूं निर्यात पर बैन हटाया जा चुका है तो उनका जवाब था, “हां, अब कोईऔरऔर भी

देश के अग्रणी स्पॉट एक्सचेंज एनएसईएल पर ई-गोल्ड और ई-सिल्वर के सौदों से स्टोरेज सरचार्ज वापस ले लिया गया है। एक्सचेंज के एक सर्कुलर के अनुसार एक अगस्त से ई-गोल्ड व ई-सिल्वर में सौदा करनेवाले कारोबारियों व निवेशकों को कोई सरचार्ज नहीं देना पड़ेगा। एक्सचेंज ने डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स को भी आदेश दिया है कि वे डीमैट वाले ई-गोल्ड और ई-सिल्वर के सौदों पर कोई सरचार्ज न वसूलें। एक्सचेंज की इस पहल से कारोबारियों और निवेशकों का सालानाऔरऔर भी