गुजरात इंडस्ट्रीज पावर कंपनी लिमिटेड गुजरात सरकार की कंपनी है जिसने इसमें अपनी चार कंपनियों गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स, गुजरात एल्कलीज एंड केमिकल्स, गुजरात ऊर्जा विकास निगम और पेट्रोफिल्स को-ऑपरेटिव के जरिए इसकी 58.21 फीसदी इक्विटी ले रखी है। वित्त वर्ष 2010-11 में कंपनी की बिक्री 14.78 फीसदी बढ़कर 1077.95 करोड़ और शुद्ध लाभ 52.60 फीसदी बढ़कर 162.95 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी ने दस रुपए अंकित मूल्य के शेयर पर 2.50 रुपए (25 फीसदी) लाभांशऔरऔर भी

अमर रेमेडीज इमामी, निरमा व घडी डिटरजेंट जैसी देशी कंपनी है जो फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) के बाजार में हिंदुस्तान यूनिलीवर व कॉलगेट जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को टक्कर देने की कोशिश में लगी है। इसकी शुरुआत 1984 में स्वामी औषधालय प्रा. लिमिटेड के रूप में हुई जिसने आयुर्वेदिक मेडिसिनल रिसर्च व डेवलपमेंट का बीड़ा उठाया। यहीं से उसका मौजूदा नाम निकला जो उसने 1995 से अपना रखा है। कंपनी के बारे में और जानने से पहलेऔरऔर भी

ऐसा कैसे हो सकता है कि एक दिन कोई शेयर 52 हफ्ते का शिखर बनाए और अगले ही दिन 20 फीसदी के निचले सर्किट का शिकार हो जाए? लेकिन सुमीत इंडस्ट्रीज के साथ ऐसा ही हुआ है। बुधवार, 11 मई को उसने वित्त वर्ष 2010-11 और मार्च 2011 की तिमाही के नतीजे घोषित किए जो वाकई काफी जानदार-शानदार हैं। शेयर ऐसा उछला कि 42.30 रुपए पर पहुंच गया। लेकिन अगले ही दिन यानी, कल यह बीएसई (कोडऔरऔर भी

राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के अध्यक्ष और पब्लिक इनफॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर व इनोवेशंस पर प्रधानमंत्री के सलाहकार सैम पित्रोदा का मानना है कि सतत वृद्धि के लिए शोध की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें कल की चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वास्थ्य, ऊर्जा, प्रशासन और बुनियादी ढांचे समेत जीवन के तमाम क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा देना होगा। शोध की जरूरत पर बल देते हुए पित्रोदा ने देश में पब्लिक इनफार्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 20 अरब अमेरिकीऔरऔर भी

गार्डन सिल्क मिल्स का जिक्र इसी कॉलम में हम तीन बार कर चुके हैं कि इसका पी/ई अनुपात काफी कम है और इसमें बढ़त की काफी गुंजाइश है। पहली बार 16 अगस्त को, जब बीएसई में इसका बंद भाव 83.60 रुपए था। फिर 30 अगस्त को जब ठीक पिछले कारोबारी दिन अचानक यह एकबारगी दस फीसदी से ज्यादा उछलकर ऊपर में 95.85 रुपए तक चला गया था। और तीसरी बार 30 सितंबर को जब यह 102.80 रुपएऔरऔर भी

नवीन फ्लूवोरीन इंटरनेशनल (बीएसई – 532504, एनएसई – NAVINFLUOR) शुक्रवार को 52 हफ्ते के न्यूनतम स्तर 253 रुपए तक गिरने के बाद 261.05 रुपए पर बंद हुआ है। पिछले एक महीने में यह 25 फीसदी से ज्यादा टूटा है। 12 नवंबर को ऊपर में 340 रुपए तक चला गया था और 10 दिसंबर तो 253 रुपए तक नीचे चला गया। अगर यह गिरावट आनी ही थी तो 19 अक्टूबर के आसपास आनी चाहिए थी क्योंकि उस दिनऔरऔर भी

गुजरात के सूरत जिले में सदियों से की जा रही जरी की कढ़ाई को भौगोलिक संकेत (ज्योग्राफिक इंडिकेशन या जीआई) का तमगा हासिल हो गया है जिससे इसे विशेष संरक्षण मिल गया है। प्रमुख उद्योग संगठन फिक्की (पश्चिमी क्षेत्र) के एक सदस्य ने कहा, ‘‘चेन्नई स्थित भौगोलिक संकेत कार्यालय ने सूरत की जरी कढ़ाई को हाल ही में जीआई का दर्जा दिया है। इससे सूरत में जरी के काम से जुड़े डेढ़ लाख लोगों को अपने उत्पादोंऔरऔर भी

हीरों की खदानें भले ही अफ्रीकी देशों, आस्ट्रेलिया, कनाडा और रूस में हों, लेकिन दुनिया के हर 11 हीरों में से नौ को तराशने और पॉलिश करने का काम सूरत में होता है। सूरत का हीरा उद्योग 65,000 करोड़ रुपए का है। वहां इसकी करीब 4500 इकाइयां हैं। दुनिया में रफ डायमंड की 70-80 सप्लाई डी बीयर्स, अलरोसा, रियो टिन्टो व बीएचपी बिलिटन जैसी अंतरराष्ट्रीय खनन कंपनियां करती हैं। इसमें अकेले डी बीयर्स का हिस्सा 45-50 फीसदीऔरऔर भी