वर्ष 2011-12 की खरीफ फसल में 164 लाख टन से अधिक धान की खरीद की गई है। खाद्य मंत्रालय के अनुसार, 2 जनवरी 2012 तक विभिन्‍न सरकारी एजेंसियों द्वारा 164,84,195 टन धान की खरीद की जा चुकी है। इसमें पंजाब ने सबसे अधिक 76,60,745 टन धान की खरीदारी की जबकि छत्‍तीसगढ़ 21,25,475 टन धान की खरीद करके उससे बहुत नीचे दूसरे नंबर पर रहा। हरियाणा ने 19,66,167 और उत्‍तर प्रदेश ने 14,30,184 टन धान खरीदा।और भीऔर भी

पढ़ाने का सही तरीका क्या कमाल दिखा सकता है, इसका प्रतिमान बन गया है पटना में प्रतिभाशाली गरीब बच्चों को मुफ्त में आईआईटी की तैयारी करवाने वाला संस्थान सुपर-30. इस बार भी आईआईटी की प्रवेश परीक्षा जेईई में से वहां के 30 में से 24 छात्रों को चुन लिया गया है। इस परीक्षा के परिणाम आज, बुधवार को घोषित हुए हैं। संस्थान के संस्थापक और गणितज्ञ आनंद कुमार ने बताया कि 30 में से 24 विद्यार्थियों कोऔरऔर भी

अप्रैल के पहले हफ्ते से गेहूं की सरकारी खरीद चालू है। दिखाने के लिए सरकारी खरीद के लंबे-चौड़े लक्ष्य तय किए गए हैं। लेकिन सरकार इस दिशा में कुछ खास करने नहीं जा रही। गेहूं की सरकारी खरीद में एफसीआई समेत अन्य सरकारी एजेंसियां ढीला रवैया अपनाएंगी। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड समेत लगभग एक दर्जन राज्यों में एफसीआई गेहूं खरीद से दूर ही रहने वाली है। ये राज्य केंद्रीय पूल वाली खरीद में नहीं आते हैं।औरऔर भी

दुनिया में एक अरब डॉलर (लगभग 4500 करोड़ रुपए) से ज्यादा की संपत्ति वाले अमीरों की सूची में शामिल 55 भारतीयों में से 26 वैश्य समुदाय के हैं। वैश्य समुदाय भारत की आबादी का बमुश्किल एक फीसदी है। राज्यों के हिसाब से देखें तो 16 राजस्थानी और 13 गुजराती हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, व उड़ीसा से इस सूची में कोई नहीं है। सूची में 10 लोग दक्षिण भारत के हैं जिनमें से पांचऔरऔर भी

उत्तर प्रदेश के दशहरी और दूसरे किस्मों के आम के शौकीन लोगों को इस बार ‘फलों का राजा’ खरीदने के लिए अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी क्योंकि प्रतिकूल हालात की वजह से इस मौसम में आम के उत्पादन में खासी गिरावट के आसार साफ नजर आ रहे हैं। उधर महाराष्ट्र में अलफांसों की तीन चौथाई से ज्यादा फसल बरबाद हो जाने की खबर पहले ही आ चुकी है। ऑल इंडिया मैंगो ग्रोवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष इंसरामऔरऔर भी

देश की जनसंख्या बीते एक दशक में 18.1 करोड़ बढ़कर अब 121 करोड़ हो गई है। जनगणना के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में पुरुषों की संख्या अब 62.37 करोड़ और महिलाओं की संख्या 58.64 करोड़ है। जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रयास कर रहे देश के लिए अच्छी खबर यह है कि आबादी की वृद्धि दर में कमी दर्ज की गई है। वर्ष 1991 की गणना में आबादी में 23.87 फीसदी की वृद्धि देखी गयी थी, 2001औरऔर भी

गन्ना पेराई वर्ष 2010-11 में पहली अक्टूबर से 15 फरवरी तक देश में चीनी उत्पादन 1.34 करोड़ टन रहा है। यह पिछले वर्ष की इसी अविध के 1.15 करोड़ टन उत्पादन से 16 फीसदी ज्यादा है। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट को बताया, ‘‘इस साल चीनी मिलों ने 15 फरवरी तक कुल 1.34 करोड़ टन चीनी का उत्पादन किया है। यह इससे पिछले साल की समान अवधि से 16 फीसदीऔरऔर भी

रबी फसलों की बुवाई कहीं नमी की कमी से तो कहीं हाल की बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसी के चलते अभी तक रबी सीजन की बुवाई पिछले साल के मुकाबले अभी तक आधी भी नहीं हो पाई है। सबसे चिंताजनक स्थिति गेहूं बुवाई की है। इसका रकबा पिछले साल के मुकाबले सर्वाधिक 30 लाख हेक्टेयर तक पीछे है। बुवाई में विलंब होने से गेहूं की उत्पादकता पर विपरीत असर पडऩे का खतरा है। इसेऔरऔर भी