वर्तमान से क्षुब्ध, अतीत से मुग्ध और भविष्य से आक्रांत लोग कभी ठीक से नहीं जी पाते। इसलिए नहीं कि वे अभावग्रस्त है, बल्कि इसलिए कि गलत सोच ने उनका मूल मानव तत्व सोख लिया होता है।और भीऔर भी

करते हम हैं और नाम दूसरों का लगा लेते हैं। इससे हम तो कमजोर के कमजोर रह जाते हैं और दूसरा भगवान और भगवान, सर्व-शक्तिमान बन जाता है। अन्यथा उनकी औकात कंकड़ से ज्यादा नहीं।और भीऔर भी