भले ही अमेरिका में आर्थिक सुस्ती और यूरोप में वित्तीय संकट का हल्ला हो, लेकिन जर्मन कार निर्माता कंपनी फोल्क्सवागेन (वीडब्ल्यू) ने बीते साल 2011 में साल भर पहले के मुकाबले 14 फीसदी ज्यादा कारें बेची हैं और 81.5 लाख से ज्यादा कारें बेचकर नया रिकॉर्ड बनाया है। उसने जापान की टोयोटा मोटर्स को पीछे छोड़ दिया। असल में जापानी कार कंपनी टोयोटा के उत्पादन को सुनामी और फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना की वजह से नुकसान हुआ। उसनेऔरऔर भी

कमोडिटी एक्सचेंजों के लिए 2011 का साल काफी अच्छा रहा है। अप्रैल 2003 में फिर से शुरू किए गए कमोडिटी या जिंस एक्सचेंजों का कारोबार हर महीने नई ऊंचाइयां छू रहा है। जिंस एक्सचेंजों के इस शानदार प्रदर्शन में सबसे ज्यादा योगदान सर्राफा कारोबार का रहा है। इस साल सोने के भाव 2010 के 20,700 प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 29,000 रुपए को पार कर गए। जिंस बाजार नियामक वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) के एक वरिष्ठ अधिकारीऔरऔर भी

बढ़ती मुद्रास्फीति की चिंता और पश्चिम एशिया में राजनीतिक उथलपुथल के बीच वैश्विक निवेशकों ने उभरते बाजारों से साल 2011 में अब तक 21 अरब डॉलर (94,485 करोड़ रुपए) निकाल चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश फंड्स पर नजर रखने वाली कंपनी ईपीएफआर ग्लोबल के आंकड़ों के मुताबिक उभरते बाजारों से निवेशक इस साल अब तक 21 अरब डॉलर निकाल चुके हैं। वर्ष 2008 की तीसरी तिमाही के बाद यह सबसे बड़ी निकासी है। रिपोर्ट के अनुसार,औरऔर भी

विदा लेते साल 2010 के दौरान देश में भ्रष्टाचार और घोटालों के कई मामले सामने आए। इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था नौ फीसदी की तेज रफ्तार के साथ आगे बढती दिखाई दी। पहले राष्ट्रमंडल खेल आयोजन में भ्रष्टाचार, फिर कॉरपोरेट जगत के लिये जनसंपर्क का काम करनेवाली नीरा राडिया के नेताओं, अधिकारियों और पत्रकारों के साथ बातचीत के टेप के सार्वजनिक होने और 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से उठा तूफान। इन सब विवादों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था नौ फीसदीऔरऔर भी

साल 2010 पब्लिक इश्यू से जुटाई गई राशि के मामले में भारतीय कॉरपोरेट जगत में नया इतिहास बनाकर विदा हो रहा है। लेकिन नया साल 2011 इसको भी मात देने को तैयार दिख रहा है। कैलेंडर वर्ष 2010 में भारतीय कॉरपोरेट जगत ने पब्लिक इश्यू के जरिए 59,523 करोड़ रुपए जुटाए हैं। लेकिन कैलेंडर वर्ष 2011 में अगर सेबी के पास दाखिल निजी कंपनियों के प्रॉस्पेक्टस और सरकारी कंपनियों के विनिवेश को आधार बनाएं तो पब्लिक इश्यूऔरऔर भी